Pans Labyrinth Hindi -
(Pan's Labyrinth: The Secret of the Forest) अध्याय 1: सिपाही की बेटी 1947 का दौर था। आज़ादी के बाद का दंगल। सिंध से आए शरणार्थी अपनी ज़मीनों के लिए तरस रहे थे, और एक तरफ जंगलों में नक्सलियों की गूंज थी।
रणवीर को पता चल गया था। उसने सीमा को जंगल में घसीटते हुए पुकारा, “तू नक्सलियों से मिलती है, है ना?” उसने उसके हाथ से जादू की चॉक छीन ली, जिससे भूलभुलैया के दरवाजे खुलते थे। pans labyrinth hindi
पैन ने सीमा को एक चाकू दिया और कहा, “तुम्हें अपनी माँ के दूध की एक बूँद चाहिए। उसके बच्चे के खून की एक बूँद चाहिए। अन्यथा राजकुमार नहीं जागेगा।” सीमा ने मना कर दिया। “मैं किसी की हत्या नहीं करूँगी, चाहे वह अजन्मा बच्चा ही क्यों न हो!” पैन ने गुस्से में उससे कहा, “तो तुम हमेशा इंसान ही रहोगी, और एक दिन मर जाओगी।” और एक मोर।
सीमा ने कहा, “मैं राजकुमारी नहीं बनना चाहती। मैं बहन बनना चाहती हूँ।” pans labyrinth hindi
सीमा की माँ बीमार रहने लगी थी। डॉक्टर ने कहा कि बच्चा पेट में है, लेकिन माँ कमज़ोर हो रही थी। रणवीर ने सीमा से कहा, “किताबों में मुंह मत लगाओ। असली दुनिया खून और मिट्टी से बनी है।”
पैन ने गहरी साँस ली। “तो फिर, मैं तुम्हें अमरता नहीं दे सकता। लेकिन शायद... अमरता हमेशा खून में नहीं होती।”
लेकिन सीमा को किताबों की परियों की कहानियों में विश्वास था। खासकर उस कहानी में जो उसकी सगी दादी ने बताई थी— एक ऐसी भूलभुलैया जो जंगल के अंदर है, जहाँ एक राजकुमार सदियों से सो रहा है। एक शाम, सीमा किले के पीछे जंगल में भटक गई। उसने देखा—बबूल और बरगद के पेड़ों के बीच एक पुराना, टूटा-फूटा दरवाज़ा था। उस पर नक्काशी थी: चाँद, तारे, और एक मोर।